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आत्मनिर्भर अन्नदाता
May 21, 2020 • गुलाब बत्रा  • लेख

गुलाब बत्रा 

 विश्वव्यापी कोरोना वायरस संकट के मुकाबले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संजीवनी रूप में बीस लाख करोड़ रूपये के आर्थिक पैकेज की उद्घोषणा से देशवासियों में आत्मविश्वास जगाया है। यह राशि औद्योगिक-व्यापारिक संगठनो की मांग से अधिक है। संयोगवश प्रधानमंत्री ने संबोधन में 21 बार आत्मनिर्भर शब्द का प्रयोग कर 21वीं सदी को भारत की सदी के सपने को साकार करने का संकल्प व्यक्त किया। आत्मनिर्भर भारत अभियान में ‘‘लेंड-लेबर-लिक्विडिटी-लॉं‘ पर बल है।

अन्नदाता किसान के खून पसीने में रची-बसी कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने घोषणा के ग्यारह बिन्दुओ में किसान एवं खेती से जुड़े आधारभूत ढांचे सम्बन्धी आठ सूत्रों तथा प्रशासनिक सुधार के तीन सूत्रों के माध्यम से खेती-किसानी की झोली भरने की पहल की है। इसमे पशुपालनबागवानीखाद्य प्रसंस्करण, डेयरी एवं मछलीपालन पर भी बल है। इससे कोरोना संकट में गांव लौटने पर आमादा श्रमिको की हृदयस्पर्शी तस्वीर को नई ऊर्जा मिलेगी तथा किसान की गरिमा मे अभिवृद्धि होगी।

फसल प्रबन्धन के अन्तर्गत कोल्ड स्टोरेज़मंडी सहित कृषि सम्बन्धी आधारभूत ढांचे के विकास एवं किसानों को कृषि उत्पादों के बाजार और बेहतर मूल्य दिलाने हेतु एक लाख करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। किसान अब मंडी से इतर देश में कृषि उत्पाद बेचने को स्वतंत्र होगा। इसमे ई-ट्रेडिंग व्यवस्था सहायक होगी।

खेती किसानी को कानूनी कवच भी दिया गया है। इसके तहत जोखिम रहित खेती के साथ किसानों की निश्चित आमदनी और गुणवत्ता के मानकीकरण के लिए कानूनी ढांचा बनाया जायेगा। इससे कृषि उत्पादों की बिक्री में पारदर्शिता सहित किसानों के हितों की रक्षा होगी। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में संशोधन से अनाजतिलहनदलहनखाद्य तेलआलू-प्याज इत्यादि खाद्य पदार्थो को नियंत्रण से मुक्त रखते हुए स्टॉक सीमा समाप्त की जाएगी। अलबत्ता राष्ट्रीय आपदाअकाल एवं सूखे की विषम स्थिति में खाद्य जिंसो के दाम अत्यधिक बढने पर इसे पुनः लागू किया जा सकेगा।

कोरोना संक्रमितों की चिकित्सा में जुटे कार्मिको को स्वस्थ बनाये रखने में आयुर्वेदिक काढ़ा अत्यंत कारगर सिद्ध हुआ है। इसलिए दो वर्षो में दस लाख हैक्टेयर भूमि पर औषधीय पौधे लगाये जायेंगे। इससे किसानों को पांच हजार करोड़ आमदनी होने का अनुमान है। वही गंगा नदी के किनारे आठ सौ हैक्टेयर भूमि में औषधीय पौधों का गलियारा बनाने से गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने में भी सहायता मिलेगी।

कश्मीर में केसरबिहार में मखानाउत्तर प्रदेश में आम इत्यादि कृषि उत्पादों में वृद्धि के लिए कलस्टर आधारित पद्धति अपनायी जायेगी। इस नीति से माइक्रो फूड उद्योग का मार्ग प्रशस्त होगा तथा उत्पादकों को मूल्य संवर्धन का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री के लोकल पर वोकल के आव्हान को भी पूरा करने मे सहायता मिलेगी।

भारत की समृद्ध पशु सम्पदा के संरक्षण-संवर्द्धन की दृष्टि से पशुपालन के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए पन्द्रह हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। पशुओं को रोगमुक्त करने हेत 55 करोड़ पशुओं के टीकाकरण का अभियान चलाया जाएगा।

पशु चाराडेयरी उत्पाद प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्द्धन के उद्देश्य से डेयरी सेक्टर में निजी निवेश को प्रोत्साहन दिया जाएगा। मधुमक्खी पालन के लिए भण्डारण एवं विपणन सम्बन्धी आधारभूत सरंचना विकसित करने से दो लाख से अधिक मधुमक्खी पालक लाभान्वित होंगे। विशेष आर्थिक पैकेज में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अन्तर्गत मछुआरों के लिए बीस हजार करोड़ की धनराशि  रखी गई है। इससे लगभग 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा तथा मत्स्य पालन के ढांचे को विकसित किया जाएगा।

कृषि उत्पादों के भण्डारण एवं परिवहन में काफी मात्रा में उत्पाद बेकार एवं अनुपयोगी हो जाते है। इससे किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए घाटे वाले बाजारों में परिवहन एंव भण्डारण पर 50-50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। तत्संबंधी पायलट परियोजना की अवधि छः माह बढ़ाने के साथ टमाटर प्याज आलू के साथ अन्य सब्जियों को भी इसमे शामिल किया जायेगा। इसके लिए पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को समुचित दाम नहीं मिलने पर अपने उत्पाद स़ड़क पर फेंकने की आवश्यकता नहीं होगी।

प्रधानमंत्री ने 2022 तक किसानों की आमदनी दुगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने खेती की प्राथमिक समस्या मृदा के स्वास्थ्य पर ध्यान दिया। राजस्थान के सूरतगढ़ में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की शुरूआत की गई। अब आर्थिक पैकेज से अन्नदाता किसान की खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होगा। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात हरित क्रांतिश्वेत क्रांति, नीली (मत्स्य) क्रांति के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था के नये युग में आत्मनिर्भर भारत अभियान से हम विश्व में अग्रणी राष्ट्र का सम्मान हासिल करेंगे।