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भरतपुर जिले को मिल रहा दोगुना यमुना का अन्तर्राज्यीय जल 
June 15, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान
जयपुर। जिले को उत्तरप्रदेश से भरतपुर फीडर प्रणाली एवं हरियाणा से गुड़गाँव मेन केनाल के माध्यम से गत वर्ष से लगभग दोगुना पानी प्राप्त हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इन दोनों प्रणालियों का जिले में कमाण्ड एरिया लगभग 58000 हैक्टेयर है जिसके लिए अपर यमुना रिवर बोर्ड द्वारा प्रदत्त निर्देशों एवं जल संसाधन विभाग के प्रयासों से गत वर्ष से दोगुना पानी प्राप्त होने से किसानों को राहत मिली है।
 
जल संसाधन वृत्त, भरतपुर के अधीक्षण अभियन्ता राकेश गुप्ता ने बताया कि मई में 6601 क्यूसेक डेज व 15 जून 2020 तक 4827 क्यूसेक जल प्राप्त हुआ है जिससे लगभग 2000 हैक्टेयर भूमि में कपास की फसल में सिंचाई की गई है तथा लगभग 3000 हैक्टेयर में ज्वार चरी (फोडर) में सिंचाई की गई है। यही नहीं, तहसील पहाड़ी के 22 तालाब, तहसील कामां के 30 तालाब, तहसील डीग के 35 तालाब व तहसील कुम्हेर में 13 इस प्रकार कुल 100 से अधिक तालाबों में जल भरा जा चुका है। इसके अतिरिक्त कामां पहाड़ी ड्रेन, हथीन ड्रेन व डीग एस्केप चैनल में भी जल भर गया है। लगभग 200 एमसीएफटी से अधिक जल भण्डारण किया है।
 
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि वर्तमान में कोरोना महामारी के संकट के बीच सिंचाई के जल की सुगम उपलब्धता कृषकों को उपलब्ध कराने के लिए जलसंसाधन विभाग द्वारा यथा संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि गुडगांव मुख्य नहर की टेल (चैन 1750) तक, टेल वितरिका की चैन 100 तक, डीग वितरिका की चैन 150 तक व पहाड़ी वितरिका की टेल तक (चैन 660) तक जल प्रवाहित हो रहा है व तालाब/पोखरों में जल भरा जा रहा है। आवश्यकतानुसार ग्रीष्मकालीन फसल में भी सिंचाई की जा रही है। जल भण्डारण से पशु पेयजल व भू-जल रिचार्ज हेतु उल्लेखनीय जल उपयोग हुआ है। 
 
उन्होंने बताया कि अन्तर्राज्यीय जल प्राप्ति में सुधार के कारण गत वर्ष रबी फसल के दौरान भी प्रथम बार गुड़गाँव मेन कनेाल की टेल तक तथा टेल से आगे टेल डिस्ट्रीब्यूटरी की टेल तक पानी पहुँच सका एवं ज्येष्ठ के माह में भी इतनी भारी संख्या में गाँवों के तालाबों का भरना इस वर्ष ही संभव हो सका है। राजस्थान सरकार द्वारा उत्तरप्रदेश व हरियाणा को लिंक कैनालों की साफ-सफाई व मरम्मत हेतु क्रमशः 69 लाख एवं 131 लाख रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं। भरतपुर फीडर पर कार्य प्रारम्भ हो चुका है जिसे पूर्ण होने में लगभग 1 माह का समय लगेगा। इस दौरान भरतपुर फीडर नहर बन्द रहेगी।