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देश का सौभाग्य है कि हमें मोदी जैसा कर्मयोगी और संवेदनशील प्रधानमंत्री मिला- सांसद दीयाकुमारी
February 13, 2020 • Bhavesh • राष्ट्रीय
गोमती ब्यावर फोरलेन के लिए अब 750 करोड़ की लिखित स्वीकृति कुल खर्च होंगे 1642 करोड़
 
राजसमन्द। गोमती ब्यावर फोरलेन के अधूरे पड़े कार्य को शुरू करने के लिए 750 करोड़ रु की लिखित स्वीकृति मिलने पर सांसद दीयाकुमारी ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश का सौभाग्य है कि हमें मोदी जैसा कर्मयोगी और संवेदनशील प्रधानमंत्री मिला है। 
 
सांसद ने कहा कि मुश्किलों को में हमेशा चुनोतियों के रूप में स्वीकार करती हूं। मेरे जीवन का प्रथम  उद्देश्य है जनता की सेवा करना, जिस उम्मीद से जनता ने मुझ चुना है, उसको सम्मान देना मेरा पहला कर्तव्य है। आज गोमती ब्यावर फोरलेन का बड़ा वादा पूरा हुआ। जनता के दुःख दर्द और अपेक्षाओं की मुझे सबसे ज्यादा चिंता है और भविष्य में भी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगी। 
 
संसदीय क्षेत्र मीडिया संयोजक मधुप्रकाश लड्ढा ने बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्र कार्यालय से 12 फरवरी, 2020 को जारी किए गए पत्र में सहायक कार्यकारी अभियंता (योजना) अंकुर मणि त्रिपाठी ने ब्यावर गोमती खंड के चार लेन के लिए एनएच (ओ) के तहत अतिरिक्त स्वीकृति सीमा वन्यजीव भाग में 12.5 किमी को छोड़कर राजस्थान राज्य में NH-58 पर फोर लेनिंग के शेष कार्य के लिए 750.00 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। 12.5 किलोमीटर में फैले वन्यजीव भाग के लिए और अलग से स्वीकृति दी जाएगी।
 
 4 और 5 फरवरी को केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात के बाद सांसद दीयाकुमारी ने पीएम मोदी के पास गुहार लगाई। सांसद ने पीएम से कहा कि क्षेत्र में हो लगातार हो रही दुर्घटनाओं से मन विचलित है। असमय काल के ग्रास बने लोगों के परिवारों की संवेदनाओं ओर मानवीय पहलू को ध्यान में रखते यह कार्य अति शीघ्र किया जाना आवश्यक है। जिसके लिए 430 करोड़ का बजट पर्याप्त नहीं होगा। वापस किये गए सर्वे के अनुसार लगभग 750 करोड़ की आवश्यकता होगी। अंत में पीएम मोदी ने पूरी सहानुभूति और संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रोजेक्ट को ग्रीन सिग्नल दिया। 
 
मंगलवार को संसद के बजट सत्र की समाप्ति के पश्चात भी सांसद दीयाकुमारी दिल्ली में ही डटी रही जब तक कि गोमती ब्यावर फोरलेन के स्वीकृति पत्र की प्रति हाथ में नहीं आ गई। बजट सत्र की समाप्ति के पश्चात एक बार फिर केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिली तो वे सारा माज़रा समझ गए और बोले आप जैसी सांसद के रहते जनता को कोई तकलीफ नहीं हो सकती। इस दौरान सांसद ने पिछली दिनों किये गए वादे की याद दिलाते हुए केंद्रीय मंत्री से कहा कि संसद का सत्र समाप्त हुआ है मेरा कार्य नहीं। इस मुलाकात के बाद बुधवार रात्रि 8 बजे 750 करोड़ रु का स्वीकृति पत्र जारी कर दिया गया। सांसद दीयाकुमारी ने 750 करोड़ की स्वीकृति को ईश्वर की अनुकम्पा और जनता जनार्दन के विश्वास का परिणाम बताया है। 
 
लोकसभा में शपथ के बाद से ही सांसद ने ब्यावर गोमती फोरलेन के अधूरे पड़े कार्य को शीघ्र करवाने की कवायद में जुट गई थी। 10 माह के अंदर ही इस मसले को लेकर 2 बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से, 4 बार केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से और 3 बार केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से और कई बार सम्बंधित विभाग के अधिकारियों से मिली तब जाकर सफलता के कदम चूमें। ज्ञात रहे कि वर्ष 2013 में स्वीकृत गोमती ब्यावर फोरलेन के कार्य ठेकेदार ने वर्ष 2015 में पूरी तरह से बंद कर दिया था। नियमानुसार समयावधि से पूर्व नई निविदाएं निकालना सम्भव नहीं था। जैसे ही पूर्व ठेकेदार की कार्य अवधि समाप्त हुई सांसद दीयाकुमारी ने इस कार्य को मिशन के तौर पर लिया और स्वीकृति होने तक पीछा नहीं छोड़ा। इधर इन सात वर्षों में इस प्रोजेक्ट पर लगभग सात सौ करोड़ की लागत बढ़ गई जिसकी पूर्ति करवाना बहुत मुश्किल कार्य था। लेकिन कहते हैं नेक कार्य के लिए ईश्वर भी साथ देता है। एक झुझारू सांसद की लगन को देखते हुए एक ईमानदार और संवेदनशील प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने अंततः इस बड़े और जनहित के कार्य को स्वीकृति दे ही दी। अब जो भी निविदाएं जारी होगी वो 1642 करोड़ रु की होगी।