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ईपीएफओ ने नियोक्ताओं  के हित में उठाये कदम
May 22, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान

जयपुर। कोविड-19 को फैलने से रोकने के कारण किए गए लॉकडाउन और महामारी के कारण अन्य व्यवधानों से परेशान कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत आने वाले प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं और कर्मचारियों को राहत पहुंचाने के लिए समय-समय पर विभिन्न उपायों की घोषणा की गई है। केंद्र सरकार द्वारा 13.05.2020 को ईपीएफ अधिनियम, 1952  के तहत कवर होने वाले प्रतिष्ठानों के सभी वर्गों के लिए मई, , जून और जुलाई, 2020 के लिए योगदान की वैधानिक दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की गई। इसे आत्‍म-निर्भर भारत पैकेज के अंग के रूप में अधिसूचित किया गया है |  अधिसूचना ईपीएफओ की वेबसाइट के होम पेज पर टैब- कोविड-19 के तहत उपलब्ध है।


क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त(प्रथम), पी सी गुप्ता ने बताया योगदान की दर में की गई उपरोक्‍त कटौती केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों अथवा केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी भी अन्य प्रतिष्ठान पर लागू नहीं है। ये प्रतिष्ठान मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 12 प्रतिशत का  योगदान करना जारी रखेंगे।  कम की गई दर पीएमजीकेवाई लाभार्थियों के लिए भी लागू नहीं है, क्योंकि पूरा कर्मचारी ईपीएफ योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत) और नियोक्ताओं का ईपीएफ और ईपीएस योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत), मासिक वेतन का  कुल 24 प्रतिशत का योगदान का वहन केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है।


    पीएमजीकेवाई स्कीम के अंतर्गत प्राप्त होने वालो  लाभों को भी अगले तीन महीनों जून, जुलाई और अगस्त 2020  तक आत्‍म-निर्भर भारत पैकेज के अंग के रूप में बढ़ा दिया गया हैं | इस स्कीम के अंतर्गत पूरे देश के लगभग 3.7 लाख नियोक्ताओं के 71 लाख सदस्य पात्र है | क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर के रिकॉर्ड के अन्तर्गत लगभग 9000 संस्थानों द्वारा इस स्कीम का लाभ लिया जा सकता है, परंतु अभी तक मात्र 3127  नियोक्ताओं द्वारा मार्च महीने और 2730 संस्थानों द्वारा अप्रैल महीने की ECR के माध्यम लाभ  प्राप्त किया गया है | अतः सभी संस्थानों से अपील की जाती हैं की वो तुरंत प्रभाव से ECR फाइल कर इस स्कीम का लाभ उठायें  | ECR फाइल करने से तुरंत पैसा सदस्यों के खाते मैं सब्सिडी सहित जमा होगा और वो अपने खातों से अग्रिम की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे |


ईपीएफ योजना, 1952 के तहत किसी भी सदस्य के पास वैधानिक दर (10 प्रतिशत) से अधिक दर पर योगदान करने का विकल्प होता है और ऐसे कर्मचारी के संबंध में नियोक्ता अपने योगदान को 10 प्रतिशत (वैधानिक दर) तक सीमित कर सकता हैं |


इसके अतिरिक्त लॉकडाउन के दौरान किसी भी अवधि के लिए योगदान या प्रशासनिक शुल्क जमा करने में प्रतिष्ठानों के समक्ष आई कठिनाई को ध्यान में रखते हुएईपीएफओ ने फैसला किया है कि परिचालन या आर्थिक कारणों से होने वाली देरी को दोष नहीं माना जाना चाहिए और इस तरह के विलम्‍ब के लिए दंडात्मक हर्जाना नहीं वसूला जाना चाहिए।


केंद्रीय सरकार ने कोरोना वायरस से लड़ने में निर्धनों की सहायता के लिए 26.03.2020 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के अंतर्गत  ईपीएफ योजना से निकासी के प्रावधान की घोषणा की गई थी। ईपीएफ योजना में एक तत्काल अधिसूचना द्वारा विशेष पैरा 68 एल (3) लागू किया गया, जिसमें ईपीएफ खाताधारक सदस्यों को तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता या ईपीएफ खाते में जमा 75 प्रतिशत राशि, इनमें से जो भी कम हो, उसे निकालने की अनुमति प्रदान की गयी है। ईपीएफओ द्वारा कोविड-19 के लिए ऑनलाइन अग्रिम दावों को दर्ज करने की सुविधा भी प्रदान की गई है, जो अन्य सेवाओं के साथ-साथ मोबाइल फोन के माध्यम से उमंग ऐप पर भी दर्ज की जा सकती है।


कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए, भारत सरकार के दिशानिर्देशों को ध्यान में ऱखते हुए, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने सदस्यों, पेंशनरों और नियोक्ताओं को ईपीएफओ कार्यालय आने से बचने के लिए, ईपीएफओ द्वारा दी जाने वाली विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अपने घरों से काम करने का परामर्श दिया है। इसी क्रम में ईपीएफओ द्वारा ईमेल के माध्यम से ई साइन की सुविधा भी दी गयी है । जो नियोक्ता  ईपीएफओ पोर्टल पर अपने डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करने में समस्याओं का सामना कर रहे हैं वो ई साइन का उपयोग कर ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ उठा सकते है ।  

नियोक्ता ई-मेल ro.jaipur@epfindia.gov.in  के माध्यम से  क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर  को विधिवत हस्ताक्षरित अनुरोध पत्र की स्कैन की हुई प्रति भेज सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर को टेलीफोन नंबर 0141-2740742 और ईमेल के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।