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हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक शिक्षा शुरू
March 8, 2020 • तहलका ब्यूरो
 
जयपुर। राजस्थान में पहली बार सरकारी स्तर पर पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक शिक्षा शुरू होने जा रही है। हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय (एचजेयू) जुलाई से शुरू होने वाले अकादमिक सत्र 2020-21 में अपना नया स्नातक कोर्स बीए-जेएमसी शुरू करेगा।
 
यह जानकारी एचजेयू के कुलपति ओम थानवी ने एक वक्तव्य में दी। उनके मुताबिक बीए की ये कक्षाएँ विश्वविद्यालय के खासा कोठी स्थित शैक्षणिक परिसर में संचालित होंगी। परिसर में तीन स्नातकोत्तर (पीजी) कोर्स विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ पिछले साल ही शुरू हो गए थे। 
 
थानवी ने बताया कि नए सत्र से पत्रकारिता और जनसंचार में पी.एचडी. पाठ्यक्रम भी शुरू हो जाएगा। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए विशेष रूप से प्रोफेसरों, एसोसिएट और सहायक प्रोफेसरों के तीस (30) पदों की स्वीकृति जारी कर दी है।
 
स्नातक कोर्स के साथ जुलाई में शुरू होने वाले सत्र में अब पाँच विभागों के स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम संचालित होंगे। इन दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रमों में एमए-जेएमसी (प्रिंट मीडिया), एमए-जेएमसी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया), एमए-जेएमसी (न्यू मीडिया), एमए-जेएमसी (डेवलपमेंट स्टडीज एंड सोशल वर्क) और एमए-जेएमसी (मीडिया ऑर्गनाइजेशन, एडवर्टाइजिंग एंड पब्लिकरिलेशंस) शामिल हैं। 
 
नए सत्र में सभी विभागों से संबंधित डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। छह माह की अवधि वाले इन डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रमुख हैं व्यावहारिक हिंदी में डिप्लोमा, डिप्लोमा इन फंक्शनल इंग्लिश, डिप्लोमा इन डेस्कटॉप पब्लिशिंग, डिप्लोमा इन टीवी प्रोडक्शन, डिप्लोमा इन फोटोग्राफी और डिप्लोमा इन डेवलपमेंट कम्युनिकेशन। 
 
कुलपति के अनुसार एचजेयू के स्नातक पाठ्यक्रम (बीए-जेएमसी) की विशेषता यह होगी कि छात्रों को पत्रकारिता और जनसंचार के संदर्भ में समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था, इतिहास, न्याय व्यवस्था, संविधान, विदेश-नीति, विज्ञान, पर्यावरण, भूगोल, साहित्य-संस्कृति आदि की बुनियादी जानकारी भी दी जाएगी। मीडिया शिक्षा में प्रिंट, रेडियो-टीवी, डिजिटल, ऑनलाइन तथा सोशल मीडिया, पीआर, विज्ञापन, फिल्म और डोक्यूमेंट्री, फोटोग्राफी, डिजाइन और लेआउट, ग्राफिक, एनिमेशन आदि का पाठ्यक्रम इस रूप में उपलब्ध होगा कि छात्र आगे की दिशा तय कर सकें। पाठ्यक्रम में हिन्दीऔर अंग्रेजी भाषा की दक्षता का ज्ञान भी शामिल है। 
 
बीए-जेएमसी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता किसी भी विषय में 12वीं कक्षा तय की गई है। प्रवेश एक लिखित परीक्षा के आधार पर दिए जाएंगे, जिसमें छात्रों के सामान्य ज्ञान, समाज और राजनीति की समझ और भाषा-ज्ञान को परखा जाएगा।