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जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ समय पर हो तभी राहत सम्भव- सांसद दीयाकुमारी
February 11, 2020 • Bhavesh • राष्ट्रीय

केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर से मुलाकात 

जयपुर/राजसमंद। सांसद दीयाकुमारी ने केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर से मुलाकात करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से और समय पर किया जाना चाहिए तभी राहत सम्भव है।
सांसद दीयाकुमारी ने मावली मारवाड़ ब्रॉडगेज, ब्यावर गोमती फोरलेन, क्षेत्र के मार्बल माइन्स व्यवसाय और कुम्भलगढ वन्य जीव अभ्यारण्य का ईको सेन्सेटीव जोन मार्क कराने से संबंधित समस्याओं के निस्तारण हेतु मैराथन वार्ता की।
संसदीय क्षेत्र मीडिया संयोजक मधुप्रकाश लड्ढा ने बताया कि बजट सत्र के दौरान सांसद दीयाकुमारी ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से वार्ता करते हुए चार प्रमुख विषयों पर गंभीरता पूर्वक वार्ता की।

सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि मार्बल खनन व उत्पादन इस क्षेत्र का मुख्य व्यवसाय होने के साथ-साथ रोजगार का प्रमुख स्त्रोत भी है। इस क्षेत्र में यह व्यवसाय प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय लोगों को रोजगार दे रहा है। सांसद ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि खनिज पट्टों को कैटेगिरी "बी 2 " में ही रखते हुए पर्यावरणीय स्वीकृति जारी करने का प्रावधान यथावत रखा जाए तथा कमेटी के चैयरमैन के पद पर जिला कलेक्टर के अतिरिक्त एक डिप्टी चेयरमैन की भी नियुक्ति की जाए जिससे कि कमेटी की भीटिंग समय पर हो सके और मामले लम्बित नहीं हो तथा पर्यावरण स्वीकृति खनन पट्टा की अवधि पूर्व की भांति 50 वर्ष ही रखा जाय।

सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि हल्दीघाटी कुम्भलगढ़ दुर्ग, दिवेर आदि ऐतिहासिक स्थानों के साथ ही श्रीनाथ जी,श्रीद्वारकाधीश और श्रीचारभूजा मंदिर के कारण धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है जहां देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक वर्ष भर आते हैं। राजसमंद में ब्रॉडगेज लाइन नहीं है और मीटर गेज से राजसमंद की कनेक्टिविटी पर्याप्त नहीं है। वर्ष 2017-18 के बजट में मावली-मारवाड़ ब्रॉडगेज लाइन की स्वीकृति प्राप्त हो गई थी जिसमें पहले बजट 1600 करोड स्वीकृत किया गया बाद में उसे बढ़ाकर 2600 करोड़ कर दिया गया। यह मावली-मारवाड़ रेल लाइन टाडगढ़ वन क्षेत्र से गुजरती है, जिसका डी.पी.आर. का कार्य वन विभाग की अनापित्त प्रमाण पत्र (NOC) मिलने में देरी के कारण लगभग बंद है। यदि यह ब्रॉडगेज रेल लाइन मार्ग पूर्ण हो जाता है तो राजसमंद ही नहीं बल्कि भीलवाड़ा, पाली, जोधपुर, चित्तौडगढ, उदयपुर सहित आधे राजस्थान के यात्रियों को सीधे राजसामंद के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक आवागमन की सुगमता हो जाएगी इसलिए मावली-मारवाड़ ब्रॉडगेज लाइन की क्षेत्र के लिए महत्ता और मांग को ध्यान में रखते हुए वन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) अतिशीघ्र जारी करवाई जाए।

सांसद ने कहा कि क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए व्यावर-गोमती फोरलेन सेक्शन का कार्य स्वीकृत हुआ था जो कि टॉडगढ वन क्षेत्र होने के कारण वन विभाग की स्वीकृति के अभाव में रूका हुआ है यह सड़क क्षेत्र की अति विशिष्ठ सड़क है। इसके अभाव में यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है अभी हाल ही में 30 जनवरी 2020 को भी दुर्घटना में तीन लोगों की जाने गई है। ऐसे में इस कार्य का पूरा किया जाना अत्यन्त आवश्यक है।

मुलाकात के दौरान सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि राजमसंद का काफी बड़ा हिस्सा पर्वत श्रृंखलाओं व वन क्षेत्र से घिरा होने के कारण ईको सेन्सेटिव जोन में अंकित है जिसमें कुम्भलगढ़ प्रमुख है, राजसमंद क्षेत्र अपने मार्बल व्यवसाय के लिए भी पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और यह यहां के निवासियों के रोजगार का मुख्य साधन है। अभ्यारण्य के आस-पास के 10 किलोमीटर क्षेत्र को वन क्षेत्र मानते हुए खनन व्यवसाय बंद किया हुआ है जबकि यहां माईन्स में लाखों रूपए की मशीनरी स्थित है जिसकी खान मालिक द्वारा ई.एम.आई. किश्तो की भरपाई भी मुश्किल हो रही है और क्षेत्र में बेरोजगारी बढ रही है, यदि यहां ईको सेन्सेटिव जोन मार्क हो जाता है तो इस परिधि से बाहर बन्द माईन को चालू किया जा सकेगा, जो कि यहां के मार्बल व्यवसायियों और आम जनता के लिए राहत भरा निर्णय होगा।