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कोरोना की कम्यूनिटी स्प्रेडिंग को रोकने के लिए प्रदेश में सीरो सर्विलांस के तहत होगी रैंडम सैंपलिंग: चिकित्सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री
April 3, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए प्रदेश में सीरो सर्विलांस के तहत रैंडम सैंपलिंग की जाएगी। इसके तहत आसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) द्वारा मान्यता प्राप्त रैपिड टेस्टिंग किट के जरिए लोगों के रैंडम सैंपल लिए जाएंगे।

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने गुरुवार को प्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सकों और एपिडोमोलोेजिस्ट (महामारी विशेषज्ञ) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए चर्चा की गई। इसमें तय किया गया कि कोरोना को कम्यूनिटी में फैलने से रोकने के लिए रैपिड टेस्टिंग किट द्वारा रैंडम सैंपलिंग की जाए। इस किट से एंटीबॉडी और एंटीजन टेस्ट संभव हो सकेंगें।

उन्होंने बताया कि एपिडोमोलोेजिस्ट आईआईएमएचआर (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ मैनेजमेंट रिसर्च) के चेयरमैन डॉ. एसपी गुप्ता और डॉ. अवतार सिंह को सीरो सैंपल मॉडल बनाने के निर्देश दिए हैं। इस टेस्ट में ब्लड ड्रॉप व स्ट्रिप्स के जरिए स्वास्थ्यकर्मी रैंडम सैंपलिंग का काम प्रदेश मंे कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सीरो सर्विलांस और कंटेनमेंट दोनों तरह की सैंपलिंग चलती रहेगी।

प्रदेश में कोरोना पॉजीटिव की संख्या 133 हुई
उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में कोरोना पॉजीटिव लोगों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गुरुवार दोपहर 2 बजे तक कोरोना वायरस के 133 नए पॉजीटिव केसेज चिन्हित किए गए हैं। राज्य में अब तक कुल 7984 सैंपल्स की जांच की गई है, जिनमें से 650 की जांच प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि 21 लोग पॉजीटिव से नेगेटिव भी हो गए हैं।

21 जिलों में लगाए 1188 आयुष चिकित्सक और कंपाउंडर
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए राज्य के 21 जिलों में 1188 आयुष चिकित्सकों और कंपाउंडरों को लगाया है जो कि चिन्हित जिलों में जाकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व आयुर्वेद विभाग द्वारा 13 मार्च से 1 अप्रेल के मध्य 32441 स्थानों पर 12 लाख 43 हजार 320 लोगों को काढ़ा पिलाया जा चुका है।
   
4 करोड़ से ज्यादा लोगों की हुई स्क्रीनिंग
डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश मेें एक्टिव सर्विलांस टीम के 27 हजार से ज्यादा चिकित्सा दलों ने 98 लाख 57 हजार 493 परिवारों कर घर-घर जाकर सर्वे कर 4 करोड़ 16 लाख 58 हजार 196 लोगों की व्यक्तिगत स्क्रीनिंग कर ली है। पैसिव सर्विलांस टीम यानी कि ओपीडी में 33 लाख 28 हजार रोगियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसके अलावा 133 पॉजीटिव मरीजों के संपर्क में आए 2000 से ज्यादा लोगों की भी स्क्रीनिंग की है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को भी ओपीडी और आइसोलेशन की व्यवस्था के लिए अधिकृत किया गया है।  

20 हजार से ज्यादा आइसोलेशन वार्ड तैयार
डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 97 हजार से ज्यादा क्वारेटाइन बैड्स तैयार किए जा चुके हैं। साथ ही 20 हजार आइसोलेशन बैड तैयार किए जा चुके हैं। वेंटिलेटर्स हमारे पास पर्याप्त संख्या में है। उन्होंने कहा कि विभाग के पास 11442 पीपीई किट, 70534 एन-95 मास्क उपलब्ध हैं। बफर स्टॉक में 3161 पीपीई किट और 36764 एन-95 मास्क भी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी तरह की कोई चिकित्सकीय सामग्री की कोई कमी नहीं है।

लॉकडाउन के पालन से ही बचाव संभव
चिकित्सा मंत्री ने एक बार फिर आमजन से सोशल डिस्टेंसिंग की अपील करते हुए कहा कि आपके सहयोग से लॉकडाउन सफल हो सकता है और कोरोना को कम्यूनिटी में फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि आप सबकी सावधानी ही इस महामारी से प्रदेश को बचा सकती है।