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कोरोना प्रभावित जिलों में लगाए अतिरिक्त चिकित्सक, अलर्ट मोड पर काम कर रही है सरकार: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
March 27, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान
जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना प्रभावित जिलों में चिकित्सकों की कोई कमी नहीं है। सरकार ने हाल ही 13 अतिरिक्त चिकित्सकों को सिरोही, 10 चिकित्सकों को जालोर लगाया है। इसके अलावा 50 उदयपुर से इंटर्न करने वाले चिकित्सकों को डूंगरपुर लगाया है और इनको स्कि्रनिंग के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में 37 दूसरे ईएसआई अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को स्कि्रनिंग के लिए डूंगरपुर लगाया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 450-500 दंत चिकित्सकों को भी प्रशिक्षण देकर इनका सदुपयोग कोरोना में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
 
देश में 753 तो प्रदेश में 45 पॉजीटिव केसेज 
 
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि दुनिया में 199 देश कोरोना की चपेट में हैं और करीब 5 लाख 36 हजार 454 लोग पॉजीटिव पाए गए हैं। इसमें से 24 हजार 112 लोग मौत के मुंह में समा गए हैं। इसका संक्रमण अन्य देशों में भी तेजी से फैल रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में अब तक 753 पॉजीटिव केसेज सामने आए हैं, जिसमें 18 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। राजस्थान में अब तक 45 लोग पॉजीटिव पाए गए हैं, जिनमें से दुर्भाग्यवश 2 लोगों की मौत हो गई।
 
मृतक अन्य बीमारियों से भी थे ग्रस्त
 
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि जिन 2 व्यक्तियों का निधन कल हुआ वे डायबिटीज, हार्ट, किडनी जैसी कई अन्य घातक बीमारियों से भी ग्रस्त थे। उनके से एक 73 साल और एक 60 वर्ष के थे। दोनों की कल मृत्यु हो गई है। इन दोनों लोगाें के जो भी सपंर्क में आए थे उनकी ट्रेसिंग विभाग द्वारा करवाई जा रही है। उन लोगों की स्कि्रनिंग की जा रही है।
 
भीलवाड़ा से 21 पॉजीटिव, अन्य जिलों पर भी पैनी नजर
 
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि 21 केसेज भीलवाड़ा में अब तक पॉजीटिव आए हैं। कल रामगंज में भी एक केस पॉजीटिव आया था। पूरे 1 किलोमीटर के क्षेत्र में कफ्र्यू लगा दिया है। भीलवाड़ा में पहले से ही कफ्र्यू लगा हुआ है। झुंझुनूं में भी काफी केसेज हैं। जोधपुर, जयपुर, प्रतापगढ़, झुंझुनूं और भीलवाड़ा जिलों के बारे में सरकार ज्यादा अलर्ट और चौकन्नी है और विभाग के अधिकारी पल-पल पर नजर गडाए हुए हैं। 
 
1950 नसिर्ंगकर्मियों का दल ग्रामीण और 332 शहरी क्षेत्रों कर रहा है स्कि्रनिंग 
 
डॉ. शर्मा ने बताया कि भीलवाड़ा में 24 लाख लोगों की स्कि्रनिंग का काम वहां चिकित्सा विभाग की टीम कर रही है। 1950 लोगों की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में और 332 लोगों की टीम शहरी क्षेत्रों में काम करही है। शहर में तो 20 लोग ऎसे हैं, जिनकी दो-दो बार स्कि्रनिंग हुई है। कह सकते हैं कि हालात काबू में है। भीलवाड़ा की सीमाएं सील की हुई है। जयपुर के रामगंज में भी 1 किलोमीटर के क्षेत्र में कफ्र्यू लगाया गया है। 
 
सभी विभाग बेहतर समन्वय से कर रहे हैं काम
 
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि चिकित्सा विभाग हो या अन्य विभाग हो सब अलर्ट मोड पर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। राज्य में इस महामारी से मुकाबला कैसे किया जाए, कैसे आमजन को राहत दी जाए उस पर सरकार युद्धस्तर पर लगी हुई है। इस लॉकडाउन की स्थिति में आमजन को दवा, सब्जी, दूध, किराना और रोजमर्रा की चीजें प्राप्त करने में कोई परेशानी ना हो इसके लिए मुख्यमंत्री लगातार निगरानी कर रहे हैं। 
 
पैदल आने वाले हजारों लोगों की हो रही स्कि्रनिंग
 
डॉ. शर्मा ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में लोग पैदल चलकर सिरोही, जालोर, प्रतापगढ़ और समीपवर्ती जिलों में आ रहे हैं। वहां की सरकार ना उनको रोक रही है और ना ही स्कि्रनिंग करके भेज रही है। एक ओर लॉकडाउन की अपनी प्रधानमंत्री द्वारा की गई है और दूसरी ओर भारी संख्या में लोग पैदल आ रहे हैं। प्रदेश की सरकार ने लोगों को रोककर स्कि्रनिंग की है। जरूरत पड़ने पर उन्हें क्वारेंटाइन में भी रखा जा रहा है। 
 
जरूरतमंदों के तत्पर है सरकार 
 
डॉ. शर्मा ने बताया कि राज्य में मुख्यमंत्री प्रतिदिन नए फैसले लेकर लोगों को राहत दे रहे हैं। भले ही वह आमजन को रोजमर्रा की चीजें सप्लाई करने की बात हो फिर सप्लाई चेन को नियंत्रित करना या जरूरतमंदों को 1-1 हजार रुपए देकर आर्थिक मदद देने की बात हो। सरकार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। अधिकांश लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया है, जिनके खाते नहीं है उन्हें 1 हजार रुपए नकद दिए जाएंगे। बीपीएल और स्टेट बीपीएल परिवारों को 5 किलो प्रति व्यक्ति राशन दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का संकल्प है कि प्रदेश में कोई भी जरूरतमंद भूखा ना सोए ना ही भूख से मरे। उनके संकल्प को पूरा करने के लिए आमजन और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में खाने के पैकिट्स, सूखे फूड प्रोडक्ट्स बांटे जा रहे हैं। 
 
जिलों को 50 लाख से 1 करोड़ रुपए दिए आपातकाल फंड के लिए
 
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि आमजन को लॉकडाउन में किसी भी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए सरकार ने सभी जिलों को आवश्यकतानुसार फंड उपलब्ध करा दिया है। उन्होंने बताया कि 1 करोड़ रुपए आपातकाल के लिए जयपुर को, 75 लाख संभागीय मुख्यालयों के जिलों को और 50 लाख रुपए अन्य जिला मुख्यालयों को दिए गए हैं। यह राशि पुनर्भरित होती रहेगी। राजस्थान में संसाधन की कमी से एक भी आदमी को तकलीफ में नहीं आने दिया जाएगा। 
 
कोविड-19 सहायता कोष में दिल खोलकर दें दान 
 
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के लिए मुख्यमंत्री ने जो सहायता कोष बनाया है, उसमें भामाशाह, दानदाता, सरकारी कर्मचारी, अधिकारी दिल खोलकर दान कर रहे हैं। मैं फिर आमजन से अधिकाधिक सहयोग की अपील करता हूं ताकि आने वाली चुनौतियाेंं के लिए बेहतर व्यवस्था हम कर सकें। आपका दिया हुआ पैसा आमजन की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।