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कोरोना से बचाव के लिये आमजन में चेतना जागृत करे -- जिला कलक्टर
March 16, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान

 

दौसा। जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी ने कहा कि जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए ऎहतियात के तौर पर आमजन में चेतना जागृत करने के लिये चिकित्सा विभाग के अधिकारी आगे आ कर कार्य करे ।

सोमवार को सिविल लाईन आवास पर चिकित्सा विभाग के अधिकारियों व अन्य विभागीय अधिकारियों चर्चा  करते हुये यह बात कही। उन्होने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जिले में सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, जिम, सिनेमाघर एवं थियेटर आदि को 30 मार्च तक बंद रखने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा संयुक्त राष्ट्र द्वारा कोरोना संक्रमण को महामारी घोषित करने तथा केन्द्र सरकार की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के क्रम में ऎहतियात के तौर पर संक्रमण से बचाव के लिए राज्य सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है। उन्होने कहा कि आमजन को भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचाने के लिये चेतना जागृत करने के लिये चिकित्सा विभाग के अधिकारी ,चिकित्सा दल, सभी विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी आमजन में चेतना जागृत करने के लिये कहा है। उन्होंने कहा कि जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षत्रों में नियमित रूप से एडवाइजरी  जारी कर आमजन को जागरूक करें प्रचार प्रसार की सामग्री वितरण कर लोगों को कोरोना से बचाव के लिये प्रेरित करे।

उन्होंने कहा कि लोगों को इस बात के लिए जागरूक करना होगा कि यह वायरस तेजी से फैलता है, इसलिए किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना जरूरी है।

इस बात का प्रयास किया जाए कि लोग खुद समझदारी दिखाएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर नहीं जाएं। जिले की जनता जागरूक हो जाएगी तो हम इस वायरस का मुकाबला करने में सक्षम होंगे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेलों एवं कार्यक्रमों के आयोजकों तथा प्रबंधकों के साथ चर्चा कर सुनिश्चित करें कि ज्यादा भीड़ इकठ्ठी नहीं की जाए ताकि वायरस का व्यापक स्तर पर संक्रमण होने की कोई आशंका नहीं हो। 

उन्होने कहा कि जिले में पैम्पलेट, बैनर, हॉर्डिंग्स, शॉर्ट फिल्म जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को इस वायरस के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से छपवाए पैम्पलेट लोगों में बांटे जाएं। उन्होंने आशा सहयोगिनियों, एएनएम एवं नर्सिंग छात्रों का सहयोग लेकर ज्यादा से ज्यादा जागरूकता फैलाने और बीमारी के किसी तरह के लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति की तुरंत जांच कराने के निर्देश दिए।