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क्वारेंटीन का पालन नहीं करने वालों के प्रति सरकार सख्त, नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही
May 27, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान
जयपुर। प्रदेश में लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों तथा अन्य लोगों के लिए 14 दिन की अवधी के लिए क्वारेंटीन नियम का पालन करना आवश्यक है और इस नियम को तोड़ने वालों के विरुद्ध सरकार द्वारा सख्त कदम उठाते हुए अब तक एक हजार 306 लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जा चुकी है। 
 
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा राज्य स्तरीय क्वारेंटीन प्रबंध समिति की अध्यक्ष वीनू गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में 21 हजार से ज्यादा लोग संस्थागत क्वारेंटीन में हैं, जबकि 4 लाख 75 हजार से ज्यादा लोग होम क्वारेंटीन की पालना कर रहे हैं। 

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि जो लोग घरों में ही क्वारेंटीन नियमों का पालन कर रहे हैं, उन पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इन नियमों का पहली बार उल्लंघन करने वालों की समझाइश की जाती है। इसके पश्चात् भी यदि उनके द्वारा नियमों को तोड़ा जाता है, तो उन्हें संस्थागत क्वारेंटीन में भेज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि होम क्वारेंटीन में रह रहे लोगों की कोविड क्वारेंटीन एलर्ट सिस्टम के जरिये मॉनिटरिंग की जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह एप्लीकेशन सूचना एवं तकनीक विभाग के द्वारा विकसित किया गया है। श्रीमती गुप्ता ने बताया कि क्वारेंटीन व्यक्ति द्वारा नियम का उल्लंघन करते ही इसके द्वारा सूचना मिल जाती है, तथा तत्काल कार्यवाही की जाती है। 
 
श्रीमती गुप्ता ने बताया कि 1 हजार 306 व्यक्तियों द्वारा अब तक क्वारेंटीन नियमों का उल्लंघन किया गया है, जिसमें से 604 को होम क्वारेंटीन से संस्थागत क्वारेंटीन में भेज दिया गया है। इसके अलावा 702 लोगों के विरुद्ध नोटिस देने, पैनल्टी लगाने तथा एफ आई आर दर्ज करने की कार्यवाही की गई है। 
 
उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों के प्रदेश में लौटने पर उनकी बॉर्डर पर ही स्क्रीनिंग की जाती है। स्क्रीनिंग के दौरान किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं पाए जाने की स्थिति में उन्हें घर में ही क्वारेंटीन रहने के लिए कहा जाता है। लक्षण मिलने की स्थिति में व्यक्ति को संस्थागत क्वारेंटीन किया जाता है। 
 
उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति द्वारा कहा जाता है कि उसके घर में होम क्वारंटीन के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, तो ऎसे श्रमिकों को भी संस्थागत क्वारेंटीन में रखने की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत भवन, विद्यालयों के भवन इत्यादी को संस्थागत क्वारेंटीन के लिए काम में लिया जा रहा है तथा प्रदेश में वर्तमान में 10 हजार 212 क्वारेंटीन सेंटर हैं। 
 
गुप्ता ने कहा कि पाली, उदयपुर, जालौर, नागौर तथा डूंगरपुर जिलों में भारी संख्या में प्रवासी श्रमिकों का आगमन हुआ है। जालौर, पाली, नागौर, हनुमानगढ़ तथा बाड़मेर जिलों में ऎसे लोगों की संख्या अधिक है जो होम क्वारेंटीन में रह रहे हैं जबकि नागौर, राजसमन्द, झुन्झुनूं, चित्तौडगढ़ तथा चूरू जिलों में संस्थागत क्वारेंटीन लोगों की संख्या अधिक है।