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मानसून के दौरान बस स्टेण्ड़ एवं बस संचालन में आवश्यक सावधानी के लिये दिशा-निर्देश जारी
June 18, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान
जयपुर। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा लोगों व यात्रियों की सुरक्षा के लिये सभी मुख्य प्रबन्धकों को आगार, बस स्टैण्ड तथा बसों के संचालन के सम्बन्ध में आवश्यक सावधानी के लिये दिशा-निर्देश जारी किये गये है।
 
राजस्थान रोड़वेज के सीएमडी नवीन जैन द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार चालको को यह भी सलाह दी गई है कि यदि सड़़क पुल पर बहते पानी का स्तर डेढ फीट अथवा ज्यादा हो तो ऐसी स्थिति में वाहन को पानी में से नही निकाला जावें। चालक द्वारा पानी बहाव क्षेत्र में गति नियंत्रण रखने हेतु केवल प्रथम गियर का ही उपयोग करें। रपट पर पानी हो तो पानी की गहराई व बहाव की गति को सावधानी पूर्वक देखकर पूर्ण रूप से संतुष्ट होने पर रपट को पार किया जावें। घाट क्षेत्र, नदी, पुल, रपट, तीखे मोड़, घनी आबादी क्षेत्र, स्कूल, औषधालय, टोल बूथ, मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग इत्यादि स्थानो को ध्यान में रखते हुये दर्शाये जाने वाले यातायात संकेतो की पालना करते हुये वाहन का सावधानी पूर्वक संचालन करें। 
 
चालको के लिये विशेष सावधानी बरतने जैसे घुमाव पर वाहन को धीमी गति, वाहन को कच्चे में उतारते समय सावधानी, कम रोशनी की स्थिति में वाहन को धीमी गति से संचालन, रात्रि में यदि वाहन मार्ग पर किसी कारणवश खडी करनी हो तो वाहन की ब्रेकलाईट व इंडिकेटर चालू तथा वर्षा ऋतु में वाहन को बिजली के तार, ट्रांसफार्मर, भारी पेड़ के नीचे खड़ी ना करें।
 
जारी आदेशों में सभी मुख्य प्रबन्धकों को भी निर्देशित किया गया हैं कि मानसून के दौरान  आवष्यक सावधानी बरतने के सम्बन्ध में सभी को जानकारी दी जावें। स्थानीय जिला प्रषासन से सम्पर्क बनाये रखे। साथ ही प्रत्येक बस में व्हील पाना, जैक व स्टेपनी होने, प्रत्येक वाहन का सेल्फ स्टार्ट होना, टायरों का रखरखाव, बस में फर्स्टएड बॉक्स, बस की विण्डो को दुरूस्त रखे जिससे बस में पानी ना आवें, इसके साथ ही आगार कार्यालय/कार्यशाला के भवन की छत व रोड, नाली आदि को वर्षा ऋतु से पूर्व सफाई करवाना सुनिश्चत किया जावे ताकि पानी का निकास पूर्ण रूप से हो सके तथा पानी एक जगह एकत्र ना हो जिससे बस स्टेण्ड्स पर आने वाले यात्रियों व खास तौर से महिलाओं व बच्चो को कोई परेशानी ना हो, इसके लिये आप स्थानीय नगर पालिका, नगर परिषद् एवं नगर निगम से सहयोग ले सकते हैं। इस सम्बन्ध में स्पष्ट किया गया कि किसी भी व्यक्ति को पानी भराव से दिक्कत नहीं आनी चाहिये।