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मटकों पर कोविड-19 से बचाव का संदेश
April 27, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान

जयपुर। कहते हैं जागरूकता ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है। यही बात कोरोना से बचने पर भी लागू होती है। इसलिए सरकार इस महामारी को लेकर जागरूकता के प्रसार पर सबसे ज्यादा ज़ोर दे रही है। इस काम में कई वर्ग और संगठन भी सरकार का हाथ बंटा रहे हैं। और जब बारां जैसे पिछड़े और आदिवासी बहुल जिले से ऐसी कोई पहल हो तो इसे अत्यंत सराहनीय कदम माना जाएगा।

बारां जिले के किशनगंज उपखंड क्षेत्र के कुम्भकार परिवारों ने यह बीड़ा उठाया है। उन्होंने मटकों को कोविड19 को लेकर जागरूकता के प्रसार का माध्यम बनाया है। इन परिवारों ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग से मिली चाक से मटके बनाकर उन पर कोविड-19 से बचाव के संदेश को उकेरा है। खादी और ग्रामोद्योग विभाग द्वारा इन परिवारों को इलेक्ट्रिक चाक दिये थे ताकि वे ज्यादा मटके बनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें। अब उनके द्वारा बनाए जा रहे यही मटके कोरोना पर विजय प्राप्त करने का एक साधन भी बन गए हैं।   

इसी समाज के एक सक्रिय कार्यकर्ता हेमराज चक्रधारी ने बताया कि गर्मी के मौसम में मटके गाँव-कस्बों के हर घर में पानी भरने के काम में लिए जाते हैं। यही कारण है कि मिट्टी के शिल्पकारों ने इसे कोरोना से बचाव का माध्यम बनाया। मटकों पर माँड्णे और चित्रकारी करने के बजाय वे इन पर कोरोना महामारी से बचाव के अलग अलग संदेश लिख रहे हैं ताकि लोग इस महामारी के प्रति सतर्क रहें।

समाज के लोगों ने इससे पहले भी प्रधानमंत्री के आह्वान पर दीपक जलाने के लिए लोगों को खादी ग्रामोद्योग विभाग के निर्देश पर निःशुल्क मिट्टी के दीयों का वितरण किया था। साथ ही पक्षियों के लिए परिंडे बनाकर उनका भी वितरण किया जा रहा है।