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ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को सरकार शीघ्र गिरदावरी कर दे उचित मुआवजा: डाॅ. सतीश पूनियां
March 6, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने आज गुरूवार को ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के बारे में मीड़िया को जानकारी देते हुये कहा कि एक फिर से इस तरीके का काल चुनौती बनकर आया है। जिससे किसानों की जीती जागती खड़ी फसलें बड़े पैमाने पर खराब हुई है।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि मेरे पास जो जानकारी मिली है, उसमें 15 जिले जयपुर, दौसा,टोंक, अलवर, सीकर, अजमेर, चूरु, झुंझुनू, नागौर, बूंदी, जैसलमेर, बाड़मेर, हनुमानगढ़, बीकानेर, श्रीगंगानगर मंे खासतौर पर पकी हुई खड़ी फसलें सरसों, गेहूं, चना और जीरे की फसलें खराब हुई है। जिसमें खासतौर पर जीरे की फसल जैसलमेर जिले के मुलाना, देवीकोट, दवाडा और सरसों व गेंहू की फसलें दौसा जिले के लालसोट और लवाण एवं भरानी इलाके में भी जो चने की फसले खड़ी थी, उसको भी नुकसान हुआ है। खासतौर पर नागौर व चुरू में जो असिंचित क्षेत्र है, उसमें भी काफी नुकसान हुआ है।


डाॅ. पूनियां ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से जो किसानों को नुकसान हुआ है, इसकी अविलम्ब गिरदावरी करवाई जाये। पिछले हफ्ते हमने सदन में गिरदावरी व ओलावृष्टि से सम्बन्धित प्रश्न पूछा था, जिसका सरकार ने ठीक तरीके से जवाब नहीं दिया और उन्होंने कहा कि जितने जिले के नाम गिनाये है, उसमें से मात्र जोधपुर जिले के 6 गांवों के 2246 किसानों को मुआवजा मिला और बाकि को बताया कि 33 प्रतिशत से कम खराबा हुआ है। यह तो स्वीकार किया है, परन्तु अभी तक मुआवजा उनकी जेब तक नहीं पहंुचा। तो कम से कम ऐसा नहीं हो क्योंकि झुन्झुनू जिले के किसान आलोवृष्टि के पिछले मुआवजे को लेकर अभी भी आंदोलन कर रहे है। मैंने और पार्टी के प्रमुख लोगों ने मांग को पुर्जोर तरीके से रखा है और कोशिश करेंगे की सरकार कल तक सदन में पूरी जानकारी लेकर मंत्री के जरीये जवाब दे। आपदा प्रबन्धक का एक बजट उनके पास होता है और इस बात का उल्लेख सरकार ने बार-बार किया है कि हमने एक हजार करोड़ का कृषक कल्याण बोर्ड का गठन किया है। जिसमें पांच सौ करोड़ उन्होंने फसल बीमा के प्रीमियम के तौर पर देना तय किया था, लेकिन हमे लगता है कि यह तत्कालिक आपदा है, बड़ी आपदा है तो निश्चित रूप से सरकार को चाहिये की इसमें तत्कालिक उपाय करते हुये एसडीआरएफ या कृषक कल्याण बोर्ड के जरीये जितना संभव हो, उतना जल्दी किसानों को तुरंत मदद करनी चाहिये।


डाॅ. पूनियां ने सभी जिलाध्यक्षों से कहा कि अपनी तरफ से मौके पर वो लोग जाये और वहां उनको जो भी आंकलन होगा, वो प्रस्तुत करेंगे। सदन में भी हम लोग सरकार से मांग करेंगे कि सरकार पूरे तथ्यों को रखकर तत्कालिक सहायता कैसे की जा सकती है, उसकी व्यवस्था करें और किसानों को तुरंत मुआवजा राशि मिले।