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राजनीति का मूल कार्य सेवा है-डाॅ. बी.डी. कल्ला
February 17, 2020 • भावेश कीर्ति • राजस्थान
 

जयपुर।  राजनीति का मूल कार्य सेवा है, क्योंकि जनता की सेवा से ही जनता का भला हो सकता है।  ये विचार ‘‘संस्कृत कवि और राजनीति विशय पर आयोजित चर्चा में समारोह के मुख्य अतिथि कला एवं संस्कृत मंत्री डाॅ. बी.डी. कल्ला ने कहे। 
समारोह को सम्बोधित करते हुये डाॅ. बी.डी. कल्ला ने कहा कि संस्कृत के बीना संस्कृति, भारत या भारतीयता की कल्पना करना अधूरा होगा। संस्कृत का अर्थ है दुर्गुणो को दूर करने, गुणो का विकास करना। कला, साहित्य और षिल्प के साथ राजनीति के संबंधो पर चली चर्चा में मंत्री बी.डी. कल्ला ने कहा कि राजनीति का मौलिक कार्य क्षेत्र है। राज्य में जब सुषासन होता है तो कला साहित्य और षिल्प का समान रूप से विकास होता है।

राजस्थान संस्कृत अकादमी एवं संस्कृति युवा संस्था की ओर आयेाजित चर्चा में प्रो. नीरज शर्मा ने कहा कि भारतीय राजनीति षास्त्र की परम्परा में राजा और प्रजा दोनो के लिए तप और दीक्षा अर्थात अनुशासन और समर्पण की अपेक्षा की गई है। प्राचीन भारतीय राजनय सार्वभौम कल्याण की व्यवस्था प्रदान करता है। प्रो. दयानंद भार्गव ने कहा कि वैदिक लोकतंत्र एक आदर्श लोकतंत्र है जिसकी और वर्तमान राजनीति को अग्रसर होना चाहिए।

संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता पं. सुरेश मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति के शाश्वत मूल्यों से युवाओं को प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए। विश्वविधालय की कुलपति अनुला मौर्य ने कहा कि षिक्षा में राजनीति का समायोजन नहीं होना चाहिए।