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राजनीतिक दल उम्मीदवारों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक करें: सर्वोच्च न्यायालय
February 13, 2020 • Bhavesh • राष्ट्रीय

विद्यानंद 

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में पिछले कई चुनावों में बढते आपराधिक छवि वाले जन प्रतिनिधियों की संख्या पर न्यायालय ने चिंता जताई है । सर्वोच्च न्यायालय ने एक अवमानना याचिका पर आदेश पारित करते हुए सभी राजनीतिक दलों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव लड़ने वाले अपने उम्मीदवारों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का ब्यौरा अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें और  सोशल साइट्स, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाएं आदि में प्रकाशित कर सार्वजनिक करें।  साथ ही दल यह भी बताए कि वे ऐसे आपराधिक लोगों को अपना उम्मीदवार क्यों बनाये हैं।

इस दौरान न्यायालय ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे उम्मीदवारों (जिनके खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं) को चयनित करने के तीन दिनों के अंदर चुनाव आयोग को अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी । साथ ही न्यायालय ने कहा कि जिन उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं उनके बारे में अगर राजनीतिक दल न्यायालय की व्यवस्था का पालन करने में असफल रहते हैं, तो चुनाव आयोग इसे शीर्ष अदालत के संज्ञान में लाए। इस दौरान न्यायालय ने कहा कि प्रतीत होता है कि विगत चार आम चुनाव से राजनीति में अपराधीकरण तेजी से बढ़ा है।

गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने एक अवमानना याचिका पर यह आदेश पारित किया है। उस याचिका में  राजनीति में बढते अपराधीकरण का मुद्दा उठाते हुए दावा किया गया था कि सितंबर 2018 में आए शीर्ष अदालत के निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है। इस निर्देश में सर्वोच्च न्यायालय ने राजनीतिक दलों से अपने-अपने  उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा करने को कहा था।