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राजस्थान सहित 4 राज्यों के अनकवर्ड 502 गांवों में 4जी आधारित मोबाईल सेवा की व्यवस्था स्कीम को मिली मंजूरी – कर्नल राज्यवर्धन
February 8, 2020 • Bhavesh Nagar • राष्ट्रीय

13,725 फ्लोराईड प्रभावित बस्तियों में से 1,507 बस्तियों को सामुदायिक जल परिशोधन संयंत्रों के माध्यम से किया गया कवर – कर्नल राज्यवर्धन

जयपुर। केन्द्रीय मंत्री और सांसद जयपुर ग्रामीण कर्नल राज्यवर्धन द्वारा लोकसभा में पूछे गये सवालों का संचार राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने उत्तर दिया कि दूरसंचार विभाग के एलएसए यूनिटों तथा दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा किए गए हालिया सर्वेक्षण के अनुसार देश में मोबाईल कवरेज से वंचित बसावट वाले गांवों की अनुमानित संख्या लगभग 27721 है। सरकार ने सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (यूएसओएफ) के उपयोग से सभी अनकवर्ड गांवों को चरणबद्ध तरीके से कवर करने की योजना बनाई है। सरकार ने वामपंथ उग्रवाद प्रभावित (एलडब्ल्यूई) क्षेत्र चरण–परियोजना के तहत 10 राज्यों में 2355 स्थलों पर टॉवरों की स्थापना को मंजरी प्रदान कर दी थी, आज की स्थिति के अनुसार 10 राज्यों के करीब 3500 गांवों को कवरेज प्रदान करने के लिए 2343 टॉवर विकसित हो रहें है। एलडब्ल्यूई चरण –|के तहत 2जी तथा 4जी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल द्वारा 2217 टॉवर स्थलों पर बसावट वाले वंचित गांवों को मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान की जानी है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान राज्यों के आकांक्षापूर्ण जिलों के कवर न किए गए 502 गांवों में 4जी आधारित मोबाइल सेवा की व्यवस्था करने वाली स्कीम को दिनांक 20.12.2019 को मंजूरी दे दी गई है। देश भर में 4जी बीटीएस की संख्या 31 मार्च 2014 को 3862 थी जो 29 जनवरी 2020 को बढ़कर 14,06,171 हो गई हैमोबाइल इंटरनेट की डाउनलोड/अपलोड स्पीड कई बातों जैसे प्रौद्योगिकी (2जी/3जी/4जी एलटीई), उपभोक्ता को सेवा देने वाले सेल से निकटता व सेवा प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या, सेला द्वारा हैंडल किया जा रहा ट्रेफिक, उपभोक्ता द्वारा प्रयुक्त यूजर उपस्कर/मोबाईल हैंडसेट आदि पर निर्भर करता है

जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने कर्नल राज्यवर्धन के सवालों का उत्तर दिया कि मार्च 2017 में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के भाग के रूप में राष्ट्रीय जल गुणवत्ता उप-मिशन की शुरूआत की गई थी जिसे अब जल जीवन मिशन में समाविष्ट कर दिया गया है ताकि देश की 27,544 आर्सेनिक/ फ्लोराइड प्रभावित अभिचिह्नित ग्रामीण बस्तियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। राष्ट्रीय जल गुणवत्ता उप-मिशन के तहत अभिचिह्नित 13,725 फ्लोराइड प्रभावित बस्तियों में से 1,507 बस्तियों को सामुदायिक जल परिशोधन संयंत्रों के माध्यम से कवर किया गया है