ALL राजस्थान राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय लेख अध्यात्म सिने विमर्श वाणिज्य / व्यापार
राज्य मानवाधिकार आयोग ने पुलिस महानिदेशक, महानिरीक्षक पुलिस, जयपुर रेंज को दिए जाँच के आदेश
May 20, 2020 • तहलका ब्यूरो • राजस्थान
कलियुगी बेटे ने आपसी विवाद में अपनी ही माँ को जलाया, फरार 
जयपुर। राजस्थान के दौसा जिला मुख्यालय के मंडी रोड पर मंगलवार को एक युवक ने अपनी ही माँ पर केरोसिन छिड़क कर आग लगा दी। आग लगाने के बाद उसका बेटा  फरार हो गया। बुधवार को राज्य मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक जस्टिस महेशचंद्र शर्मा ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक, महानिरीक्षक पुलिस, जयपुर रेंज, जयपुर एवं जिला पुलिस अधीक्षक, जिला दौसा से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
 
जस्टिस शर्मा ने इस मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगते हुए कहा कि ये सभी अधिकारी अपनी निगरानी में मामले की जांच कराए और शीघ्र तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पुलिस के उच्च अधिकारियों की निगरानी में जांच के निर्देश दिए हैं। दरअसल दौसा में युवक ने अपनी माँ को आपसी कहा सुनी में केरोसिन छिड़क कर आग लगा दी थी। जिसमे महिला २५ प्रतिशत झुलस गयी थी।
 
जस्टिस महेशचंद्र शर्मा ने बताया कि दिनांक 20 मई, 2020 के राजस्थान पत्रिका समाचार पत्र में शीषर्क " केरोसिन उड़ेलकर मां को झुलसाया " समाचार प्रकाशित हुआ है। प्रकाशित खबर इस प्रकार है कि जिला मुख्यालय के मण्डी रोड पर मंगलवार को एक युवक ने अपनी ही मां पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी। इससे महिला करीब 25 प्रतिशत झुलस गई। कोतवाली थाना प्रभारी राजेश मीना ने बताया कि मण्डी रोड़ निवासी एक युवक ने मंगलवार सुबह किसी बात को लेकर अपनी मां से झगड़ा कर लिया । युवक ने मकान में रखे केरोसिन को मां के ऊपर उड़ेल दिया और आग लगा दी। अन्य परिजनों ने महिला को बचाया। महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि महिला करीब 25 प्रतिशत झुलस गई। कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी युवक अपनी मां को आग लगा कर फरार हो गया। उसकी तलाशी जारी है। हालांकि अभी तक किसी की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
 
जस्टिस शर्मा ने कहा कि यह खबर समाचार पत्र में पढ़कर अत्यन्त हृदयविदारक पीड़ा हमें पहुंची कि एक बेटे ने अपनी मां के ऊपर केरोसिन उड़ेल कर उसे जला दिया, जिससे वह मां 25 प्रतिशत तक जल गई है। लोग कितने अधर्मी हो गये है कि " कोरोना वायरस संकट के समय जब सभी धर्मों के लोग इस बीमारी से बचाव के लिये ईश्वर से प्रार्थना कर रहे है। उस वक्त एक कलयुगी बेटे द्वारा पापयुक्त, अधर्मयुक्त एवं मानवताहीन यह जघन्य अपराध कारित किया गया है। एक धर्म ग्रन्थ में यह विदित है कि श्रवण कुमार नाम का एक बालक था जो अपने अन्धे, बुढे माता - पिता की सेवा करता था तथा उन्हें कांवड़ में बैठा कर अपने कन्धे पर कांवड़ रख कर धर्म यात्रा करता था। एक तरफ ऐसा बेटा है जो अपनी ही मां को केरोसिन उडेल कर जला देता है।