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सामाजिक सेवाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं - सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री
March 18, 2020 • तहलका ब्यूरो
जयपुर। राज्य सरकार के पास सामाजिक सेवाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है, इस धनराशि का लाभ सभी जरूरतमंदों और गरीबों को मिले इस दृष्टि से पहली बार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की योजनाओं का सरलीकरण किया है। अब हम सबका दायित्व है इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक लोगों को लाभ प्रदान करें।
 
यह बात सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री एवं उदयपुर जिले के प्रभारी मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने बुधवार को उदयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, बाल अधिकारिता, अनुजा निगम, आपदा प्रबंधन, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, नगरनिगम, यूआईटी, स्मार्टसिटी, पीडब्ल्यूडी, रसद, ग्रामीण विकास व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ अलग-अलग आयोजित बैठकों  में विभागीय समीक्षा के दौरान कही। बैठक दौरान जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी और एसपी श्री  कैलाश विश्नोई ने जिले की समग्र विभागीय प्रगति की जानकारी देते हुए वैकासिक परिदृश्य से अवगत कराया। 
 
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़ा कोई भी प्रकरण अधिक समय तक लंबित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि हर विभाग के अधिकारी के पास सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की बुकलेट होनी चाहिए। उन्होंने मौजूद उपखंड अधिकारियों को उपखंड क्षेत्र में एक ही दिन में समस्त संबंधित समितियों की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने उदयपुर के छात्रावासों को आदर्श छात्रावास बनाने के लिए जोर दिया। 
 
उन्होंने कहा कि सीएसआर मद का उपयोग आधारभूत सुविधाओं के विकास में किया जाए। उन्होंने छात्रवृत्ति के विभिन्न आपेक्षित आवेदनों के संबंध में विभागो से समन्वय स्थापित करते हुए शीघ्र निस्तारित करने की बात कही।
 
श्री मेघवाल ने कहा कि पालनहार योजना के तहत अब सगे भाई व बहन को भी पात्र माना जाएगा। उन्होंने विभागीय हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने हॉस्टल, कॉलेज, सार्वजनिक स्थानों आदि जगह टोल फ्री नंबर चस्पा करने के निर्देश दिए और कहा कि अधिकांश समस्याओं का निस्तारण कॉल सेंटर पर ही हो जाता है। 
 
उन्होंने बाल अधिकार के संबंध में चर्चा करते हुए उदयपुर बाल श्रम रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बालकों को शिक्षा से जोड़ने के साथ ही बाल कल्याण के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर बालकों को लाभ प्रदान करने पर जोर दिया। मंत्री ने बाल संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी प्रयास करने की बात कही।
 
प्रभारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से हर वर्ग को लाभान्वित करने हेतु सातों संभागों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अब तक जयपुर व जोधपुर संभाग में शिविर आयोजित हो चुके है, शीघ्र ही उदयपुर संभाग में भी विशेष शिविर आयोजित होगा। साथ ही उन्होंने विशेष योग्यजन परिचय पत्र के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
 
अनुजा निगम की योजनाओं का फीडबैक लेते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि पात्र लोगों को छोेटे-छोट व्यवसायों से जोडे़ ताकि लोग गुजरात की ओर पलायन न करें। उन्होंने बकरीपालन में कोटेशन की आवश्यकता को हटाने की बात कही और कहा कि सरकार ने लघु व सीमान्त कृषकों को पेंशन से जोड़ा गया है।  इसी प्रकार सिलिकोसिस पीडितों को राहत दी जा रही है व उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति 10 लाख तक दे दी गई है। 
 
मंत्री मेघवाल ने अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 व संशोधित 2015 की क्रियान्विति की समीक्षा की। उन्होंने उदयपुर जिले में सबसे कम पेंडेसी पर सराहना की और लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने पर जोर दिया।
 
आपदा प्रबंधन के संबंध में चर्चा करते हुए मंत्री ने कृषि आदान-अनुदान वितरण तथा प्राकृति आपदा से प्रभावित बकाया प्रकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि नगर निकाय क्षेत्रों में अलावा जहां भी अग्निशमन की आवश्यकता है, अवगत कराएं ताकि आवंटन किया जा सके।
 
नगरनिगम, यूआईटी और स्मार्ट सिटी की समीक्षा दौरन प्रभारी मंत्री ने कहा कि उदयपुर सुंदरता के मामले में दुनिया में नंबर वन पर है ऎसे में इसकी सुंदरता पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसे मामले में भी सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेना चाहिए। उन्होंने नगरनिगम को इसके लिए प्रयास करने और जयपुर की तर्ज पर इसके सौंदर्य को निखारने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने स्मार्ट सिटी में हो रहे कार्यों पर संतुष्टि जताते हुए कार्यों को नियत समयावधि में पूर्ण करने को कहा।
 
बैठक में प्रभारी मंत्री ने बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ इन सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोरोना के संक्रमण से बचाव के प्रयासों की जानकारी ली और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
 
पीडब्ल्यूडी, एनएच और एनएचएआई की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने एनएच के अधिकारियों को झाड़ोल सड़क की पूर्णता की समय सीमा पूछी तो उन्होंने अक्टूबर तक पूर्ण करने को कहा वहीं एनएचएआई के अधिकारियों ने डबोक से देबारी बाईपास को नवंबर तक तथा काया से शामलाजी कार्य सितंबर तक पूर्ण करने की जानकारी दी।
 
समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने समस्त विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग की प्रगति को गति प्रदान करने के निर्देश दिए और इसे हर मामले में नंबर वन बनाने को कहा। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा तथा रसद विभाग की भी समीक्षा की और प्रगति की जानकारी ली।